"मतदाता संगठन" की पार्टी रहित सरकार बनने पर हरियाणा में ग्रामीण क्षेत्रों में हम इन कार्यों को करने का संकल्प करते है :-
a. प्रत्येक गांव में स्वाबलंबी और सेल्फ सस्टेंड (स्वंयधारी) ग्रामीण अर्थव्यवस्था योजना को लागू किया जाएगाl
b. ग्राम सभाओं को ही मुख्य रुप से शिक्षा, स्वास्थ, रोजगार और इंफ्रास्टक्टर विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाएगीl
c. पूरे जिले की ग्राम सभाएं मिल कर आपसी आर्थिक संयोजन और तालमेल से बेरोजगारी के संपूर्ण समाप्ति और सौ प्रतिशत रोजगार निर्मित करने के लिए जिम्मेदार होंगेl जिले से बाहर कोई भी बेरोजगार नहीं जाएगाl
d. गांव ब्लाक और जिले स्तर पर मार्केटिंग युनिट की स्थापना होगी ताकि किसानों की फसल उचित दामों पर बाजार में भेजा जा सकेl
e. ग्राम सभाओं के द्वारा लिए गए फैसले को क्रियांवित न कर पाने की स्थिति में जिले में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगीl
e. गांव/ब्लाक/जिले में रहने वाला आदमी भूखा न सोए इसके जिम्मेदारी जिले में काम करने वाले अधिकारियों की होगीl
f. स्थानीय संसाधनों के आधार पर विकास और ओद्योगिकरण का नया ढांचा तैयार किया जाएगाl
g. एक तरफ खेती को आर्थिक रुप से उपयोगी बनाया जाएगाl कृषि को उद्योग से जोडा जाएगा और खेतिहर मजदूरों को एग्रोबेस्ड इंडस्ट्री में प्रार्थमिकता दी जाएगीl
h. हर ब्लाक में अन्न भंडारन की सुविधा दी जाएगी ताकि अनाज बर्बाद न हो सकेl
a. प्रत्येक गांव में स्वाबलंबी और सेल्फ सस्टेंड (स्वंयधारी) ग्रामीण अर्थव्यवस्था योजना को लागू किया जाएगाl
b. ग्राम सभाओं को ही मुख्य रुप से शिक्षा, स्वास्थ, रोजगार और इंफ्रास्टक्टर विकसित करने की जिम्मेदारी दी जाएगीl
c. पूरे जिले की ग्राम सभाएं मिल कर आपसी आर्थिक संयोजन और तालमेल से बेरोजगारी के संपूर्ण समाप्ति और सौ प्रतिशत रोजगार निर्मित करने के लिए जिम्मेदार होंगेl जिले से बाहर कोई भी बेरोजगार नहीं जाएगाl
d. गांव ब्लाक और जिले स्तर पर मार्केटिंग युनिट की स्थापना होगी ताकि किसानों की फसल उचित दामों पर बाजार में भेजा जा सकेl
e. ग्राम सभाओं के द्वारा लिए गए फैसले को क्रियांवित न कर पाने की स्थिति में जिले में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगीl
e. गांव/ब्लाक/जिले में रहने वाला आदमी भूखा न सोए इसके जिम्मेदारी जिले में काम करने वाले अधिकारियों की होगीl
f. स्थानीय संसाधनों के आधार पर विकास और ओद्योगिकरण का नया ढांचा तैयार किया जाएगाl
g. एक तरफ खेती को आर्थिक रुप से उपयोगी बनाया जाएगाl कृषि को उद्योग से जोडा जाएगा और खेतिहर मजदूरों को एग्रोबेस्ड इंडस्ट्री में प्रार्थमिकता दी जाएगीl
h. हर ब्लाक में अन्न भंडारन की सुविधा दी जाएगी ताकि अनाज बर्बाद न हो सकेl

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